शिवाजी महाराज की जयंती पर उन्हें कोटि-कोटि नमन : डॉ. अभिनव कपूर

देहरादून। प्रसिद्ध जनसेवी, विख्यात शिक्षक, ज्ञान कलश सोशल वेलफेयर एंड एजुकेशनल सोसाइटी के अध्यक्ष एवं शिक्षा रत्न की उपाधि से सम्मानित डॉ. अभिनव कपूर ने वीर योद्धा छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती पर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए सादर नमन किया।

इस अवसर पर जारी अपने संदेश में शिक्षा रत्न डॉ. अभिनव कपूर ने कहा- देश के वीर सपूत, शौर्यवान, महान योद्धा, अदम्य साहस और पराक्रम के प्रतीक छत्रपति शिवाजी महाराज जी की जयंती पर उन्हें सादर वंदन। अप्रतिम योद्धा मराठा साम्राज्य के संस्थापक किसानों एवं श्रमिकों के नायक, धार्मिक सहिष्णुता एवं उदारता के ध्वजवाहक शिवाजी महाराज को कोटि-कोटि नमन।

जनसेवी डॉ. अभिनव कपूर ने शिवाजी महाराज का स्मरण करते हुए कहा कि छत्रपति शिवाजीराजे भोसले भारत के एक महान राजा एवं रणनीतिकार थे जिन्होंने 1674 ई. में पश्चिम भारत में मराठा साम्राज्य की नींव रखी। इसके लिए उन्होंने मुगल साम्राज्य के शासक औरंगज़ेब से संघर्ष किया। सन् 1674 में रायगढ़ में उनका राज्याभिषेक हुआ और वह “छत्रपति” बने।

डॉ. अभिनव कपूर ने कहा कि महाराष्ट्र के ही नहीं अपितु पूरे भारत के महानायक, वीर छत्रपति शिवाजी महाराज एक अत्यंत कुशल महान योद्धा और रणनीतिकार थे। वीर माता जीजाबाई के पुत्र वीर शिवाजी का जन्म ऐसे समय में हुआ था जब महाराष्ट्र ही नहीं अपितु पूरा भारत मुगल आक्रमणकारियों की बर्बरता से आक्रांत हो रहा था। माता जीजाबाई ने बचपन से ही शिवा जी को निर्भीकता और राष्ट्रधर्म का पाठ पढ़ाया। शिवा जी की निर्भयता का उदाहरण उनके बचपन से ही मिलने लगा था। उन्होंने बीजापुर में सुल्तान के आगे सिर नहीं झुकाया। यहीं से उनकी विजय गाथा प्रारम्भ होने लगी।

उन्होंने कहा कि शिवा जी भारत के पहले ऐसे शासक थे जिन्होंने स्वराज्य में सुराज की स्थापना की थी। प्रत्येक क्षेत्र में मौलिक क्रांति की। शिवा जी मानवता के सशक्त संरक्षक थे। वे सभी धर्मों का आदर और सम्मान करते थे। लेकिन उन्होंने हिंदुत्व पर आक्रमण कभी सहन नहीं किया। शिवा जी का जीवन वीरतापूर्ण, अतिभव्य और आदर्श जीवन है। नयी पीढ़ी को शिवा जी के जीवन से प्रेरणा लेनी चाहिये।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *