देहरादून। उत्तराखंड की बेटी, वरिष्ठ राज्य आंदोलनकारी एवं समाजसेवी भावना पांडे ने लोगों द्वारा उनको लेकर लगाये जा रहे कयास और अटकलों को विराम देते हुए कहा कि वह एक कारोबारी हैं और किसी राजनीतिक दल का हिस्सा बनने नहीं जा रही हैं। उन्होंने कहा कि वे उत्तराखंड के हित के लिए हमेशा से आवाज उठाती आई हैं और आगे भी इस राज्य को बचाने के लिए अपनी लड़ाई जारी रखेंगी।
भावना पांडे ने कहा कि सत्ताधारी बीजेपी के कार्यकाल से आज प्रदेश की जनता तंग आ चुकी है। प्रदेश में बढ़ते अपराध की वजह से लोग दहशत के साए में जीने को मजबूर हैं। फरवरी माह में हुई कई हत्याओं ने प्रदेश की कानून व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है। वहीं राज्य में महंगाई, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार, अपराध, माफिया राज, अवैध खनन, अवैध शराब और पलायन तेजी से बढ़ रहे हैं। इसके अलावा शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, बिजली और पानी जैसी जरूरी सुविधाओं का अभाव जैसे तमाम मुद्दे हैं जिन पर जनता सरकार से जवाब चाहती है।
भावना पांडे ने कहा कि भाजपा के बढ़ते अन्याय को रोकने के लिए विरोधी दलों को एकजुट होना पड़ेगा। क्षेत्रीय दल मिलकर सरकार की जनविरोधी नीतियों के विरुद्ध आवाज़ उठाएं। वहीं कांग्रेस पार्टी भी मिशन 2027 को लेकर कमर कस चुकी है और युद्धस्तर पर बीजेपी से मुकाबले की तैयारी कर रही है। आज प्रदेश की जनता बीजेपी से दस वर्षों के कार्यकाल का हिसाब मांग रही है। उन्होंने जनता से अपील करते हुए कहा कि आपने दो बार बीजेपी को मौका देकर देख लिया किन्तु निराशा ही हाथ लगी, इस बार किसी और को सेवा का अवसर दें।