देहरादून। उत्तराखंड की बेटी, राज्य आंदोलनकारी एवँ प्रसिद्ध जनसेवी भावना पांडे ने भाजपा सरकार द्वारा उपनल कर्मचारियों पर एस्मा (उत्तराखंड आवश्यक सेवा अनुरक्षण अधिनियम) और ‘नो वर्क नो पे’ लागू किए जाने के फैसले का विरोध करते हुए इसकी कठोर निंदा की है।
राज्य आन्दोलनकारी भावना पांडे ने कहा, उत्तराखंड की भाजपा सरकार अपनी असलियत पर उतर आयी है। उपनल कर्मचारियों के विरूद्ध तानाशाही भरा रवैया अपनाकर और उनके दुख-दर्द से मुंह फेरकर भाजपा सरकार ने अपना असली चेहरा जनता को दिखा दिया है। दरअसल यही हिटलरशाही भाजपा की असली पहचान है। उन्होंने कहा, एस्मा लगाकर बीजेपी सरकार ने कर्मचारियों के साथ अपराधी की तरह व्यवहार किया है, जबकि असली अपराध वर्षों से उनकी उपेक्षा है। धामी सरकार का यह शर्मनाक कदम बताता है कि कि उसे जनता की तकलीफों से कोई सरोकार नहीं है। वह बातचीत, समाधान और संवेदनशीलता से भाग रही है।
उत्तराखंड की बेटी भावना पांडे ने कहा, उपनल कर्मी आज अन्याय के शिकार हो रहे है। भाजपा के राज में अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाने वालों का शोषण किया जा रहा है और उनकी आवाज को दबाया जा रहा है। लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांग रखने वाले निर्दोष उपनल कर्मचारियों पर धामी सरकार ने ‘नो वर्क नो पे’ का सिद्धांत लागू कर दिया। वहीं उपनल व्यवस्था में मौजूद भारी अनियमितताओं, कमीशन प्रणाली और संविदा-निर्भर तंत्र पर सरकार जवाब देने से बच रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि जिस प्रदेश में डॉक्टरों, नर्सों, तकनीकी स्टाफ, ड्राइवरों और फील्ड वर्कर्स की भारी कमी है, वहां एस्मा लगाने से सरकार की बेचैनी और घबराहट साफ झलकती है। भावना पांडे ने धामी सरकार से मांग करते हुए कहा कि उपनल कर्मियों पर जो “नो वर्क-नो पे” का आदेश लागू किया गया है, उसे तत्काल वापस लिया जाए।